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02 Nov 2023
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जयपुर_केंद्र अब रीट पर होगी आपकी जीत जब तैयारी करनी हो किसी भी भर्ती परीक्षा की तो सबसे पहले मन परेशान होता है अनुभवी शिक्षकों और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर, पर जब भी विद्यार्थी होता परेशान है तो उत्कर्ष के पास इसका समाधान है अब उत्कर्ष के जयपुर ऑफलाइन सेंटर पर शुरू हो रहे हैं स्कूल व्याख्याता रीट की बेहतरीन तैयारी के लिए ऑफलाइन बैच जहाँ विख्यात विषय विशेषज्ञ और शिक्षा की गुणवत्ता मिलेगी एक ही छत के नीचेक्यों हर कोर्स के लिए विद्यार्थियों की पहली पसंद उत्कर्ष है ?🔴 जानिए 10 प्रमुख कारण 👇1.) विख्यात, अनुभवी व विद्यार्थी हित को सर्वोपरि मानने वाली विषय विशेषज्ञों की शानदार टीम द्वारा अध्यापन।2.) डिजिटल बोर्ड (4K इंटरेक्टिव पैनल) के माध्यम से प्रभावशाली अध्यापन।3.) IQ & Memory Development के लिए समय-समय पर विशेष टेस्ट व लेक्चर।4.) प्रत्येक विषय के सम्पूर्ण प्रिंटेड नोट्स। 5.) रोजाना अभ्यास हेतु प्रत्येक विषय की टॉपिक अनुसार वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की बुकलेट।6.) समय-समय पर OMR पैटर्न पर तथा ऑनलाइन टेस्ट।7.) सम्पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित मॉडल टेस्ट पेपर सिरीज़ व विगत वर्षों के प्रश्न–पत्रों का हल।8.) परीक्षा से कुछ दिन पूर्व ऑनलाइन टेस्ट सिरीज़ व रिविजन कोर्स।9.) ऑफलाइन बैच के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोर्स (सम्पूर्ण रिकॉर्डेड कोर्स) फ्री।10.) ऑफ़लाइन विद्यार्थियों को सूचनाएँ/सपोर्ट देने व फीडबैक लेने के लिए अलग से एप।📞 अधिक जानकारी व किसी तकनीकी सहायता के लिए 9829213213 पर संपर्क करें।अब सोचना किस बात का आज ही उत्कर्ष के ऑफलाइन बैच में प्रवेश लेकर बढ़ाएं सफलता की और अपना पहला कदम।
First bird sanctuary of Rajasthan is kailadevi Bird sanctuary in Bharatpur.Second bird sanctuary of Rajasthan Wii be in badopal gaon in Hanumangarh
https://youtu.be/S6vuZ0_sMG4
राजस्थान दिवस : 2021प्राचीन समय से राजपूतों की भूमि कहलाए जाने वाले तथा स्वतंत्र भारत के राज्य के रूप में ‘राजस्थान राज्य’ का पूर्ण गठन 01 नवंबर, 1956 को हुआ था। यह दिवस इस राज्य के लोगों की वीरता, दृढ़ इच्छा शक्ति और अपनी भूमि के लिए किए गए बलिदान को याद करता है।• 18 मार्च, 1948 से शुरू हुई राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया कुल सात चरणों में 01 नवंबर, 1956 को पूरी हुई जिसमें भारत सरकार के तत्कालीन देशी रियासत और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल व उनके सचिव वी॰ पी॰ मेनन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही थी।• वर्तमान में क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान आजादी से पहले राजपूताना (राजपूतों का स्थान) कहलाता था। इन रणबांकुरों ने कई सदियों तक इस क्षेत्र पर शासन किया था।जनसंख्या : 6,85,48,437 (लगभग) घनत्व : 200/किमी² (लगभग)राजधानी : जयपुर क्षेत्रफल : 3,42,239 वर्ग किलोमीटर।अंतर्राष्ट्रीय सीमा : यह राज्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के साथ अपनी सीमा साझा करता है।राजस्थान राज्य के प्रतीक चिन्ह :• राज्य पशु : (डोमेस्टिक)– ऊँट, (नॉनडोमेस्टिक) – चिंकारा। • राज्य पक्षी: “गोडावण”, जिसे सोन चिड़िया, हुकना, गुरायिन आदि नामों से भी जाना जाता है।• राज्य फूल: रोहिड़ा।• राज्य वृक्ष: खेजड़ी।रंगों का महत्त्व :• इस राज्य के लगभग सभी बड़े शहरों का किसी न किसी खास रंग से संबंध है, जैसे जयपुर का गुलाबी, उदयपुर का सफेद, जोधपुर का नीला और झालावाड़ का बैंगनी रंग से।इतिहास : • राजस्थान का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से शुरू होता है। ईसा पूर्व 3000 से 1000 के बीच सिंधु घाटी सभ्यता जैसी संस्कृति वाले इस राज्य पर सातवीं शताब्दी में चौहान राजपूतों का प्रभुत्व बढ़ने लगा तथा बारहवीं शताब्दी तक उन्होंने एक साम्राज्य स्थापित कर लिया था।• चौहानों के बाद यहाँ का नेतृत्व मेवाड़ के गहलोतों ने संभाला। मेवाड़ के अलावा मारवाड़, जयपुर, बूँदी, कोटा, भरतपुर और अलवर ऐतिहासिक दृष्टि से प्रमुख रियासतें बनी।• भव्य महलों, किलों, रंगों और उत्सवों का यह राज्य बालू के टीलों, रेगिस्तान और चट्टानों की मिलीजुली धरती है।• राजस्थान राज्य स्वादिष्ट व्यंजनों, सुंदर लोक नृत्य व संगीत, शाही भव्यता, रॉयल्टी के लिए प्रसिद्ध होने के साथ ही अपने गाँवों की विविध लोक संस्कृति से दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।
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सशस्त्र_सेना_झंडा_दिवसहर साल 7 दिसम्बर को मनाया जाने वाला “सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस” तीनों भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों के साथ ही वर्तमान व सेवानिवृत्त कर्मियों के परिवार कल्याण हेतु भारत सरकार की जनता से धन-संग्रह की अपील के प्रति समर्पित एक दिन है।थीम 2020 : इस वर्ष कोई विशेष विषय या थीम नहीं है। यह दिन हमारे देश के सभी वर्दीधारी सैनिकों के लिए एक उत्साह है जो अपने नागरिकों की हर कीमत पर रक्षा करते हैं।सशस्त्र सेना ध्वज के तीन रंग:• लाल रंग - भारतीय सेना का • गहरा नीला रंग भारतीय नौसेना का और • हल्का नीला रंग भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व करता है।शुरुआत:• 28 अगस्त, 1949, भारत के रक्षा मंत्रालय ने संबंधित कल्याण निधियों को एक सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में समेकित किया। बाद में वर्ष 1993 भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री के अधीन एक समिति के गठन ने 7 दिसंबर को प्रतिवर्ष झंडा दिवस मनाने का निर्णय लिया।सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर हुए धन संग्रह के मुख्य उद्देश्य : • सेना में कार्यरत कर्मियों व शहीदों के परिवार पुनर्वास तथा कल्याण हेतु आर्थिक सहयोग। • सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों का हित।• युद्ध के समय हुई हानि की भरपाई।कैसे मनाते है : • इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है। • झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को समर्पित होता है।
विश्व मृदा दिवस (World Soil Day)थीम 2020 : "मिट्टी को जीवित रखना, मिट्टी की जैव विविधता की रक्षा करना"।5 दिसंबर क्यों : मृदा दिवस पहल के प्रमुख समर्थक थाईलैंड के राजा स्वर्गीय एच.एम भूमिबोल अदुल्यादेज के जन्मदिवस पर। शुरुआत:• सर्वप्रथम 2002 में अंतरराष्ट्रीय मृदा विज्ञान संघ ने 5 दिसंबर को हर साल विश्व मृदा दिवस मनाने की सिफारिश की थी• खाद्य और कृषि संगठन (Food And Agriculture Organisation) ने जून 2013 के सम्मेलन में सर्वसम्मति से विश्व मृदा दिवस का समर्थन किया• वर्ष 2013 के 68 वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 दिसंबर को ‘विश्व मृदा दिवस’ के रूप में घोषित कियाखाद्य व कृषि संगठन (FAO)• यह संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामजिक परिषद् के अधीन कार्य करने वाली एक संस्था है।• स्थापना - 16 अक्टूबर, 1945 • मुख्यालय - रोम, इटली। • वर्तमान में इसके कुल 194 सदस्य हैं।उद्देश्य :• मृदा प्रबंधन में बढ़ती चुनौतियों, मृदा जैव विविधता हानि से लड़ते हुए, स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और जन कल्याण को बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक करना तथा दुनिया भर की सरकारों, संगठनों, समुदायों और व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना। क्यों हैं जरुरी :• मिट्टी का निर्माण विभिन्न अनुपातों में खनिज, कार्बनिक पदार्थ और वायु से होता है।• मृदा प्रदूषण का खाद्यान्न, जल तथा वायु पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जो प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। • विशेषकर किसानों को मिट्टी की सही-सही प्रकृति व व्यवहार की समझ होना आवश्यक है क्योंकि आज खेतों में फसलों की ज्यादा पैदावार के लिए अत्यधिक रासायनिक खाद्य और कीटनाशक दवाओं का प्रयोग मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को तेजी से घटाता जा रहा है। • पौधों के विकास के साथ ही मिट्टी कई कीड़ों और जीवों का आश्रय स्थल है। यह भोजन, कपड़े, मकान और चिकित्सा सहित चार आवश्यक 'जीवित' कारकों का स्रोत है अत: मिट्टी का संरक्षण आवश्यक है।
गीतांजलि राव 'किड ऑफ द ईयर 2020' (टाइम मैगज़ीन)यह पहली बार था जब टाइम मैगज़ीन ने 'किड ऑफ द ईयर’ के लिए 8 से 16 वर्ष के बच्चों के नॉमिनेशन लिए थे। इसमें 5 हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।विजेता - गीतांजलि राव (साइंटिस्ट और इनोवेटर)• नागरिकता - अमेरिकन भारतीय • डिवाइस का नाम - 'टेथिस'विशेषता: • पानी में सीसे की मात्रा का स्तर ज्ञात करता है।• बाज़ार में पहले से मौजूद डिवाइसों के मुकाबले कई गुना सस्ती।कैसे काम करता है ?• डिवाइस का सेंसर पानी में जाने के कुछ सेकंड्स बाद ही डिवाइस से जुड़ें एप की सहायता से पानी में मौजूद लेड (सीसे) की मात्रा को माप लेता है।उपलब्धियाँ :• इससे पूर्व अमेरिका का टॉप यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड भी इनके नाम।• फोर्ब्स मैगज़ीन (2019) : इसी इनोवेशन के लिए गीतांजलि को अंडर 30 यंग इनोवेटर्स की सूची में जगह मिल चुकी है। • इसके साथ ही उन्होनें साइबर बुलिंग का पता लगाने में मददगार एक एप भी बनाया है।साइबरबुलिंग :• इलेक्ट्रॉनिक साधनों जैसे टेक्स्ट, ईमेल, सोशल नेटवर्क और गेमिंग प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर किसी को धमकाना या डराना।
भारतीय नौसेना दिवसवर्तमान चीफ़ - एडमिरल करमबीर सिंहइनसे पूर्व – सुनील लाम्बा प्रथम रॉयल नेवी ऑफिसर – सर विलियम एडवर्ड पैरी (1905), ब्रिटिश भारतथीम 2020 – “कॉम्बैट रेडी, विश्वसनीय और एकजुट”उद्देश्य:• "सुरक्षित समुद्र और मजबूत राष्ट्र के लिए सुरक्षित तट" विषय के साथ युद्ध में हुए सभी शहीदों की याद में।• जीत का जश्न: 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान “ऑपरेशन ट्राइडेंट” की सफलता पर।ऑपरेशन ट्राइडेंट:• भारतीय नौसेना द्वारा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कराची शहर स्थित पाकिस्तानी बंदरगाह पर शुरू किया गया आक्रामक अभियान था। ऑपरेशन ट्राइडेंट के द्वारा ‘टारगेट क्षेत्र‘ में युद्ध-रोधी मिसाइलों का पहली बार उपयोग देखा गया। • यह ऑपरेशन 4 और 5 दिसंबर (1971) की रात को नियोजित किया गया था जिसमें एक भी भारतीय नौसैनिक की जान गवाएं बिना ऑपरेशन पूरा हुआ।वहीँ दूसरी ओर पाकिस्तान ने माइंसवेपन्स, एक विध्वंसक तथा गोला-बारूद ले जा रहें एक मालवाहक जहाज और कराची में कई ईंधन भंडारण टैंक खो दिये थे। इसके साथ ही पाकिस्तान के बहुत से नौसैनिक भी शहीद हुए।
विश्व दिव्यांग (विकलांग) दिवसथीम 2020: •''बेहतर पुनर्निमाण- कोविड-19 के बाद की दुनिया में विकलांग व्यक्तियों के लिए समावेशी, सुलभ और अनुकूल माहौल हो।''शुरुआत: • 1992 - सयुंक्त राष्ट्र महासभा द्वारा। उद्देश्य: • दिव्यांगजनों के अधिकारों को प्रोत्साहित करते हुए समाज एवं विकास के सभी क्षेत्रों में विकलांगता से पीड़ित व्यक्तियों के कल्याण हेतु जनता को जागरूक करना।• वर्ष 1981 - दिव्यांगजनों के लिए अंतराष्ट्रीय वर्ष (सयुंक्त राष्ट्र महासभा द्वारा)• ग्लोबल कैंपन – "Tell our stories, enable our Rights" यूनेस्को द्वारा चलाया जा रहा है।
भोपाल गैस त्रासदीभोपाल गैस त्रासदी : 2 से 3 दिसम्बर की रात वर्ष 1984 में घटित ह्रदय विदारक घटना।कहाँ : भोपाल, मध्यप्रदेश। ज़िम्मेदार : यूनियन कार्बाइड नामक कम्पनी। तत्कालीन कम्पनी अध्यक्ष : वॉरेन एंडरसन।कारण :• कीटनाशक बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिथाइल आइसोसाइनाइट (MIC) गैस का रिसाव।लापरवाही :• MIC गैस को कूलिंग लेवल पर रखने वाले फ्रीलिंग प्लांट को विद्युत बिल कम करने की मंशा से बंद करके रखना।• गैस टैंक में मानक स्तर से अधिक MIC गैस का भराव।• तकनीकी कारणों की अनदेखी। हानि :• 3700 से अधिक की जनहानि (सरकारी आंकड़े अनुसार) जबकि माना जाता है 72 घंटो में इस रिसाव के कारण यह आंकड़ा 25,000 से अधिक हैं।• 2006 में MP सरकार द्वारा दाख़िल शपथ पत्र के अनुसार 5,58,125 लोग सीधे तौर पर जबकि 38,478 आंशिक व 3950 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए।• भोपाल अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (1993) : इसका कार्य घटना के पर्यावरण व मानव समुदाय पर पड़ने वाले दीर्घकालीन प्रभाव का आंकलन करना था।• इस त्रासदी के 36 वर्षो बाद साल 2020 में भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका स्थित यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से पीड़ितों के लिए बतौर मुआवजा अतिरिक्त धनराशि (7,844 करोड़ रुपये) के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ गठित की हैं।
डॉ राजेन्द्र प्रसादभारतीय राजनेता, वकील व पत्रकार होने के साथ ही भारतीय गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति।उपनाम : राजेन्द्र बाबू, देशरत्न।जन्म : 3 दिसंबर 1884,जीरादेई (बिहार)निधन : 28 फरवरी 1963, पटना (बिहार)राष्ट्रपति पद पर कार्यकाल : 1950 – 1962भारत रत्न से सम्मानित : वर्ष 1962शिक्षा:• एम.ए – अर्थशास्त्र• वकालत- 1909, रिपन कॉलेज, (वर्तमान में सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज), कलकत्ता• 1915 - विधि विभाग से परास्नातक (स्वर्ण पदक)• 1916- बिहार और ओडिशा के उच्च न्यायालय में शामिल होने के साथ ही 1917- पटना विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट के पहले सदस्य के रूप में नियुक्त।• 1937 - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉक्टरेटसाहित्यिक रचनाएं :• बापू के क़दमों में बाबू ।• भारतीय संस्कृति व खादी का अर्थशास्त्र।• गाँधी जी की देन ।• इंडिया डिवाइडेड ।स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका:• नमक सत्याग्रह आंदोलन,1931• भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, बम्बई अधिवेशन (1934) के अध्यक्ष।• सुभाषचन्द्र बोस के त्यागपत्र देने के पश्चात पुनः 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।• भारत छोड़ो आंदोलन,1942• 11 दिसंबर 1946 – बतौर संविधान सभा अध्यक्ष चयनित।आत्मकथा:• अट्टमकथा, 1946 में प्रकाशित।
मेजर ध्यानचंद सिंह जन्म: 29 अगस्त 1905 इलाहाबाद, संयुक्त प्रान्त, ब्रिटिश भारत। (वर्तमान में ‘प्रयागराज’) निधन: 3 दिसम्बर, 1979 (दिल्ली)• राष्ट्रीय टीम : भारतीय पुरुष हॉकी टीम (1926-1948)• हॉकी के मैदान में खेलने का स्थान - फॉरवर्ड।भारतीय हॉकी टीम के 3 बार ओलिंपिक चैम्पियन बनने में यादगार भूमिका निभाई:• 1928 - एम्स्टर्डम ओलम्पिक, नीदरलैंड • 1932 -,लॉस एंजलिस ओलम्पिक, यू एस ए • 1936 - बर्लिन ओलम्पिक, जर्मनी“हॉकी के जादूगर” कहे जाने वाले ध्यानचंद के जन्मदिवस (29 अगस्त) को उनके अद्वितीय योगदान के सम्मान में बतौर राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया। भारतीय खेल क्षेत्र में प्रतिवर्ष ध्यानचंद पुरस्कार भी प्रदान किये जाते है। वर्ष 1956 - पद्मभूषण से सम्मानित।भारतीय ओलम्पिक संघ द्वारा शताब्दी खिलाड़ी घोषित किया गया।
राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवसभारत में प्रत्येक वर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवस भोपाल गैस त्रासदी (मध्यप्रदेश) में अपनी जान गंवाने वाले हज़ारों लोगों की स्मृति में मनाया जाता है।भोपाल गैस त्रासदी: 2-3 दिसम्बर की रात वर्ष 1984 में घटित ह्रदय विदारक घटना।उद्देश्य: बढ़ते प्रदूषण से होने वाली समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाना।प्रदूषण: वह स्थिति जब प्राकृतिक संसाधन जैसे हवा, पानी और खाने-पीने आदि तत्वों का शुद्धता मानक एक स्तर पर आकर हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध होने लगता है।प्रकार: वायु प्रदूषण जल प्रदूषण ध्वनि प्रदूषणमृदा प्रदूषणखाद्य प्रदूषण, इत्यादि।
सरकारी सेवा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट के विरुद्ध किसी पुलिस थाने में FIR दर्ज हो या कोई कोर्ट कार्यवाहीं चल रही है तो कौनसे कानूनी प्रावधान के बारे में जानकारी रखना बहुत जरूरी है।सामान्यत : सरकारी सेवा में चयन हो जाने के बाद कुछ कानूनी दिक्कतें आपके सरकारी सेवा के सपने को पूरा नहीं होने देती या आपके सरकारी पद से आपको निष्कासित करवा सकती है ?जानिए इस अहम विषय पर कानूनी जानकारी Legal बात #24 एपिसोड में !इस एपिसोड में आदरणीय Dr. जावेद खान मोयल (अधिवक्ता - राजस्थान हाई कोर्ट ,आपराधिक कानून ) के कानूनी अनुभव और जानकारी को प्राप्त करने के अवसर को खुद के लिए सौभाग्यशाली बनाए ।पूरे भारत देश में यह एक अनूठी पहल है जिसमे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अधिवक्ता बंधुओ की अमूल्य ज्ञान को जन हित मे सांझा किया जा रहा है ।कानूनी ज्ञान की इस मुहिम को हर किसी तक पहुंचाकर , उत्कर्ष क्लासेज की द्वारा शुरू Legal बात की इस मुहिम को सफल बनाएं ।https://youtu.be/ArfIJO5aACo
विश्व एड्स दिवसविश्व एड्स दिवस थीम 2020 - एचआईवी/एड्स महामारी को समाप्तकरना है।HIV - Human Immunodeficiency VirusAIDS - Acquired Immune Deficiency Syndrome◆वायरस की पहचान हुई: वर्ष 1984 (तब से अब तक कोई कारगर इलाज नहीं)◆विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य:HIV के खिलाफ एकजुट होने, HIV संक्रमितों के साथ व समर्थन देने एवं उनकी स्मृति में जिनकी मौत AIDS संबंधी बीमारी से हुई है। एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव और व्याप्त भय को कम से कम करना।◆प्रतीक: लाल रिबनविश्व में अनुमानित 4 करोड़ लोग तथा भारत में 2 लाख से अधिक लोग एचआईवी संक्रमित हैं। ◆सर्वप्रथम अगस्त 1987 में सार्वजनिक सूचना अधिकारी James W. Bunn तथा Thomas Netter, ने जेनेवा, (स्विटज़रलैंड) में विचार रखा। ◆1988 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 1 दिसंबर का दिन बतौर विश्व एड्स दिवस घोषित किया गया।◆किस प्रकार संक्रमित करता है:HIV वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर में तरल पदार्थ रूप में मौजूद होता है जिनमें रक्त, जननांग तरल एवं मलाशय तरल शामिल हैं। वायरस युक्त तरल पदार्थ एक श्लेष्मा झिल्ली के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में गमन करता है।प्रसार के तीन प्रमुख कारण:◆संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन सम्बन्ध से। ◆संक्रमित गर्भवती महिला से होने वाले शिशु को।◆ संक्रमित खून अथवा संक्रमित इंजेक्शन से।
गुरु नानक देव(जयंती कार्तिक पूर्णिमा का अवसर) ◆जन्म : 15 अप्रैल, 1469 पंजाब ननकाना साहिब,(पंजाब) वर्तमान में पाकिस्तान का हिस्सा।◆निधन : 22 सितंबर, 1539 ◆सिख धर्म के संस्थापक और दस सिख गुरुओं में प्रथम गुरु।◆सिख पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब के स्थापक।प्रमुख तीन शिक्षा :◆नाम जपो- भगवान का ध्यान, और अपनी बुराइयों को नियंत्रित करना।◆कीरत करो- बिना शोषण और धोखाधड़ी के ईमानदारी से जीवन यापन। ◆वंड चखो- दूसरों के साथ मिल-जुल कर रहना व जरूरतमंद लोगों की मदद।गुरु नानक साहेब ने पवित्र संदेश प्रसार हेतु मुस्लिम मित्र भाई मर्दाना के साथ पैदल मक्का, तिब्बत, कश्मीर, बंगाल, मणिपुर, रोम सहित विश्व यात्रा की।◆परिवार में पत्नि (सुलखनी सहित दो बेटे, श्री चंद और लक्ष्मी चंद) ◆जिनमें से श्री चंद उदासी धर्म के संस्थापक बने।
To the point-👉#Special topic- 🗞👇 👇 ✅ दनिया का सबसे ताकतवर भवन- व्हाइट हाउस 🏛👇जानिए आज विशेष 📋📈👇✅ अमेरिका में राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास-🏛👇✔️ दनिया के लगभग हर देश में राष्ट्रपतियों के रहने के लिए एक आधिकारिक आवास बनाया गया है। भारत में तो इसे राष्ट्रपति भवन के नाम से ही जानते हैं, लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति भवन को व्हाइट हाउस कहा जाता है। हालांकि हमेशा से इसका नाम व्हाइट हाउस नहीं था। जब इसका निर्माण हुआ था, तब इसका नाम प्रेसीडेंट्स पैलेस या प्रेसीडेंट मैंशन था।✅ जानिए व्हाइट हाउस के बारे में- 🏛👇✔️ दरअसल, इसके पीछे 118 साल पुराना इतिहास छुपा हुआ है, जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए हैं। व्हाइट हाउस सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास स्थान ही नहीं बल्कि यह अमेरिका की ऐतिहासिक विरासत का एक उत्कृष्ट नमूना भी है। ✔️ वहाइट हाउस में हर वो सुविधा मौजूद है जो किसी भी ताकतवर देश के पास रहने की अपेक्षा की जाती है। इसके अंदर एक बंकर भी मौजूद है, जो किसी मुसीबत के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ✅ व्हाइट हाउस का वास्तुकार📈👇✔️ आयरलैंड में पैदा हुए जेम्स होबन ने व्हाइट हाउस का डिजाइन तैयार किया था। इसका निर्माण कार्य साल 1792 से 1800 के बीच यानी आठ साल में पूरा हो गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज व्हाइट हाउस जहां पर खड़ा है, वहां पर कभी जंगल और पहाड़ थे। ✔️ वहाइट हाउस में 132 कमरे, 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट भी हैं। छह मंजिला इस इमारत में दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर को अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं और भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है। ✔️ वहाइट हाउस की बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है। बताया जाता है कि साल 1994 में व्हाइट हाउस को पेंट करने का खर्च दो लाख 83 हजार डॉलर यानी करीब एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा आया था।✅ क्या है अमेरिकी राष्ट्रपति भवन का नाम व्हाइट हाउस पड़ने के पीछे कहानी?🤔👇✔️ साल 1814 में ब्रिटिश आर्मी ने वाशिंगटन डीसी में बहुत सी जगहों पर आग लगा दी थी। इसमें व्हाइट हाउस भी शामिल था। इस आग की वजह से इसकी दीवारों की खूबसूरती चली गई, जिसके बाद इमारत को फिर से आकर्षक बनाने के लिए उसे सफेद रंग से रंग दिया गया। इसके बाद से ही इसे व्हाइट हाउस कहा जाने लगा। ✔️ साल 1901 में अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने आधिकारिक रूप से इसका नाम व्हाउस हाउस ही रख दिया।
भारत के महत्वपूर्ण समाज सुधारक: ज्योतिबा फुलेजन्म: 11 अप्रैल, 1827जन्म स्थान: सतारा, महाराष्ट्रपरिवार: गोविंदराव फुले (पिता) और चिम्नाबाई (मां), सावित्री फुले (पति / पत्नी), यशवंतराव फुले (दत्तक पुत्र)शिक्षा: स्कॉटिश मिशन हाई स्कूल, पुणेसंघ: सत्यशोधक समाज संघविचारधारा: उदारवादी; समतावादी; समाजवादधार्मिक विश्वास: हिंदू धर्मप्रकाशन: तृतीया रत्न (1855); पोवाड़ा: छत्रपति शिवाजीराजे भोंसले यंचा (1869); शेटकरायच आसुद (1881)निधन: 28 नवंबर, 1890स्मृति स्मारक: फुले वाडा, पुणे, महाराष्ट्र➡️ज्योतिराव गोविंदराव फुले महाराष्ट्र के एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, जाति-विरोधी समाज सुधारक और लेखक थे। उनका काम कई क्षेत्रों तक बढ़ा, जिसमें छुआछूत और जाति व्यवस्था का उन्मूलन और महिलाओं की मुक्ति भी शामिल है। उन्हें ज्यादातर महिलाओं और निचली जाति के लोगों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। वे और उनकी पत्नी, सावित्रीबाई फुले भारत में महिला शिक्षा के अग्रणी थे। फुले ने अपना पहला स्कूल लड़कियों के लिए 1848 में पुणे में तात्यासाहेब भिडे के निवास स्थान, भिडेवाड़ा में शुरू किया। ➡️24 सितंबर 1873 को, उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ, निचली जातियों के लोगों के लिए समान अधिकार प्राप्त करने के लिए सत्यशोधक समाज (सोसाइटी ऑफ ट्रुथ सीकर्स) का गठन किया। सभी धर्मों और जातियों के लोग इस संघ का हिस्सा बन सकते हैं जिन्होंने शोषित वर्गों के उत्थान के लिए काम किया। फुले को महाराष्ट्र में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है। उन्हें सबसे पहले 1888 में उनके अनुयायियों द्वारा 'महात्मा' कि उपाधि से सम्मानित किया गया।
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🇲🇾 Malaysia
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Malay
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